चाणक्य नीति

माता पत्नी पिता और पुत्र आपके सबसे बड़े शत्रु हैं चाणक्य नीति !

माता पत्नी पिता और पुत्र आपके सबसे बड़े शत्रु हैं चाणक्य नीति !
माता पत्नी पिता और पुत्र आपके सबसे बड़े शत्रु हैं चाणक्य नीति !
Written by Rohit bhatt

माता पत्नी पिता और पुत्र आपके सबसे बड़े शत्रु हैं चाणक्य नीति- आचार्य चाणक्य एक ज्ञानी के साथ-साथ एक अच्छे नीतिकार भी थे । उन्होंने मनुष्य जीवन को सुखमय बनाने के लिए बहुत सी ऐसी बातें बताई हैं । जो भी मनुष्य इन नीतियों का पालन करता है वह कभी असफल नहीं होता।

माता पत्नी पिता और पुत्र आपके सबसे बड़े शत्रु हैं चाणक्य नीति !

माता पत्नी पिता और पुत्र आपके सबसे बड़े शत्रु हैं चाणक्य नीति !

वह संसार की कठिन से कठिन परिस्थितियों का सामना कर सकता है । आज मैं आचार्य चाणक्य के बताए हुए ऐसे चार लोगों के बारे में बताने जा रहा हूं जो आपके सबसे बड़े शत्रु हो सकते हैं । अतः इन्हें सही समय पर उचित मार्ग पर ले आना चाहिए।

माता पत्नी पिता और पुत्र आपके सबसे बड़े शत्रु हैं चाणक्य नीति !

पहला है ऋण करने वाला पिता । आचार्य चाणक्य कहते हैं ऋण या उधार तभी लेना चाहिए जब उसे चुकाने की आपके पास शक्ति हो। भविष्य में आने वाली हानी मैं धन के भरोसे पर कभी भी किसी से उधार नहीं लेना चाहिए। जो पिता उधार लेता है और उसे चुकाने में असमर्थ होता है वह उसका बोझ अपने पुत्र यह परिवार पर डाल देता है। ऐसा पिता शत्रु के समान ही होता है। वह अकारण ही अपनी अनावश्यक वस्तुओं और सुविधाओं को पाने के लिए ऋण लेता है और अपने परिवार को एवं स्वयं को भविष्य में बड़ी परेशानी में डाल देता है।

दूसरी है व्यभिचारिणी माता । कहते हैं किसी स्त्री को अपने पति के सिवा किसी अन्य पुरुष से संबंध नहीं बनाना चाहिए। अगर कोई स्त्री अपने पुत्र होने के पश्चात ऐसा दुष्कर्म करती है तो वह अपने पुत्र के लिए शत्रु के समान होती है। ऐसे में उस पुत्र को समाज में अपमान का ही सामना करना पड़ता है । व्यभिचार करने वाली स्त्री को समाज में कोई भी सम्मान नहीं देता है और उस स्त्री के पुत्र को भी अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

तीसरी है रूपवान पत्नी। जो स्त्री रूपवान होने के बावजूद भी हमेशा अपने रुप की चिंता करती रहती है तो वह अपनी संतान की तरफ ज्यादा ध्यान नहीं देती है । वह ज्यादातर समय सजने संवरने पर लगा देती है और घर के सदस्यों को दुर्लक्षित कर देती है । अतः चाणक्य कहते हैं ऐसी स्त्री जो रूपवान हो और हमेशा अपने रूप को निहारने मैं अपना समय गवाती है तो वह अपने घरवालों के लिए शत्रु के समान होती है ।

चौथा है मूर्ख अज्ञानी पुत्र । चाणक्य कहते है मूर्ख पुत्र परिवार के लिए शत्रु के समान होता है । जो पुत्र अज्ञानी हो और शिक्षा प्राप्त करने से दूर भागता हो वह भविष्य में घर पर संकट ला सकता है । ऐसा पुत्र पिता के कमाए हुए धन को खर्च करने के सिवाय और कुछ सोचता ही नहीं है । वह हमेशा ही अपने परिवार वालों का सहारा लेता है और असफल पर सफल होने की उसकी विचार शक्ति नष्ट हो जाती है । ऐसे पुत्र को यदि समय पर शिक्षा नहीं दी गई तो वह परिवार को भविष्य में दुख देने वाला होता है।

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Rohit bhatt

My Name Is Rohit Bhatt. I am a Blogger, Youtuber And Entrepreneur. I am From Dungarpur (Raj.). I Am writes My Special Entrepreneur Tips, Relationship Tips, Health Tips, Tips And Tricks On Wikiment.

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