चाणक्य नीति

ऐसे मित्र धोखेबाज होते हैं इन्हें करीब भी मत आने देना चाणक्य नीति|

ऐसे मित्र धोखेबाज होते हैं इन्हें करीब भी मत आने देना चाणक्य नीति|
ऐसे मित्र धोखेबाज होते हैं इन्हें करीब भी मत आने देना चाणक्य नीति|
Written by Rohit bhatt

चाणक्य नीति – आचार्य चाणक्य महान ज्ञानी के साथ-साथ एक अच्छे नीतिकार भी थे । उन्होंने अपनी नीतियों में मनुष्य के जीवन को सुखमय बनाने के लिए अनेक उपाय बताएं हैं । हम ऐसे आधुनिक युग में जी रहे हैं जहां किसी बात को बनते या बिगड़ते समय नहीं लगता । कईं बार ऐसा भी होता कि हमारे किसी प्रियजन से ऐसे मत मतभेद हो जाते हैं जिससे उम्र भर हमारी उनसे बात नहीं हो पाती।

ऐसे मित्र धोखेबाज होते हैं इन्हें करीब भी मत आने देना चाणक्य नीति|

ऐसे मित्र धोखेबाज होते हैं इन्हें करीब भी मत आने देना चाणक्य नीति|

लेकिन आचार्य चाणक्य जीवन की ऐसी परिस्थितियों के बारे में बताते हैं जिसमें कोई व्यक्ति यहां तक कि आपका दुश्मन भी साथ दे तो वह व्यक्ति आपका सबसे बड़ा हितेषी होता है। चाहे अतीत में आपकी उस व्यक्ति से कितनी भी बहस क्यों ना हुई हो या कितना भी लड़ाई झगड़ा क्यों ना हुआ हो। आइए जानते हैं ऐसी कौन सी हैं वह 6 परिस्थितियां ।

ऐसे मित्र धोखेबाज होते हैं इन्हें करीब भी मत आने देना चाणक्य नीति|

पहली है बीमारी के समय। जब भी आप भयंकर बीमारी से ग्रस्त हो जाते हैं उस समय जीवन बहुत सारे कष्टों से भरा होता है । ऐसे समय में अगर कोई आपका साथ देता है वही आपका सच्चा मित्र होता है । ऐसे समय में आपसे दूरी बनाने वाले लोग इतने दिनों तक स्वयं के स्वार्थ के कारण आपके साथ रह रहे थे वह आपके सच्चे मित्र कभी नहीं हो सकते ।

दूसरी परिस्थिति है दुख का समय। जिस समय आपको सबसे ज्यादा मित्र की जरूरत होती है ऐसे समय में जो भी आपकी मदद करता है वही आपका सच्चा मित्र होता है । घर में दुख की घड़ी है और बहुत बुरे हालात हैं ऐसे समय में जो भी आपका साथ देता है वह आपका सच्चा मित्र होता है। दुख के समय में आप से दूरी बनाने वाले और आप से दूर भागने वाले लोग स्वार्थी होते हैं।

तीसरी परिस्थिति है आकाल के समय। जब कभी आकाल पड़ जाए और खाने के साधन मिलने मुश्किल हो रहे हों ऐसे समय में सभी लोग स्वार्थी बनकर अपनी खान-पान की चीजें किसी से नहीं बांटते । लोग एक दूसरे को पानी तक नहीं पिलाते। ऐसे समय में अगर कोई व्यक्ति आपकी मदद करता है और आपका साथ देता है वही आपका सच्चा मित्र हो सकता है ।

चौथी परिस्थिति है शत्रु का संकट। जब भी आप पर शत्रु का संकट आए या कोई आप पर अचानक हमला कर दे ऐसे समय में कुछ लोग स्वयं के ही प्राण की चिंता करते हैं और दूर भागने लगते हैं। लेकिन जो भी व्यक्ति इस मुश्किल की घड़ी में आपके साथ खड़ा होकर शत्रु के संकट का सामना करता है केवल वही व्यक्ति आप का सच्चा मित्र हो सकता है।

पांचवी परिस्थिति है शासकीय कार्यों में। जब भी आप किसी मुकदमे या केस में फंस जाए और सभी लोग आप को दोषी ना होते हुए भी आप पर शक कर के आप को दोषी मानते हैं और आपसे दूरियां बनाते हैं ऐसे समय में जो भी व्यक्ति आप पर विश्वास कर आपके साथ खड़ा होता है और आपकी मदद करता है वही आपका सच्चा मित्र हो सकता है ।

कुछ महतवतापूर्ण चाणक्य नीति

छठी और आखरी परिस्थिति है श्मशान में। जब भी आपके किसी प्रियजन की मृत्यु हो जाती है और जिससे घर में दुख छा जाता है तो ऐसी परिस्थिति में व्यक्ति का मनोबल टूट सकता है। ऐसे समय में जो भी आपके साथ रहकर आपको मजबूती से आगे बढ़ने का साहस दिलाता है वही आपका सच्चा मित्र होता है।

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Rohit bhatt

My Name Is Rohit Bhatt. I am a Blogger, Youtuber And Entrepreneur. I am From Dungarpur (Raj.). I Am writes My Special Entrepreneur Tips, Relationship Tips, Health Tips, Tips And Tricks On Wikiment.

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