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मून एक्सप्रेस का है प्लान , वर्ष 2020 तक रोबोट्स करेंगे चंद्रमा की सतह पर खुदाई

मून एक्सप्रेस का है प्लान , वर्ष 2020 तक रोबोट्स करेंगे चंद्रमा की सतह पर खुदाई
मून एक्सप्रेस का है प्लान , वर्ष 2020 तक रोबोट्स करेंगे चंद्रमा की सतह पर खुदाई
Written by Rohit bhatt

स्पेस फ्लाइट कंपनी मून एक्सप्रेस ने अपने नए प्लान को जारी किया है जिसके तहत ये चंद्रमा की सतह पर रोबोट्स के द्वारा खुदाई करना चाहते हैं और इस काम को यह वर्ष 2020 तक शुरू भी करना चाहते हैं। गूगल के लूनर एक्स प्राइस इनाम को जीतने के उद्देश्य से इस कंपनी का गठन वर्ष 2010 में किया गया था।

मून एक्सप्रेस का है प्लान , वर्ष 2020 तक रोबोट्स करेंगे चंद्रमा की सतह पर खुदाई

मून एक्सप्रेस का है प्लान , वर्ष 2020 तक रोबोट्स करेंगे चंद्रमा की सतह पर खुदाई

यह एक ऐसी प्रतियोगिता है जिसमें एक प्राइवेटलि फंडेड स्पेसक्राफ्ट को चंद्रमा तक भेजने की चुनौती दी गई है । हालांकि लुनर एक्सप्रेस अभी भी अपनी नजर इस इनाम पर जमाए हुए है, मगर इनका इरादा इसके काफी आगे का है, ये चंद्रमा पर कुछ ही सालों के भीतर अपनी एक आउट पोस्ट बनाना चाहते हैं।

मून एक्सप्रेस का है प्लान , वर्ष 2020 तक रोबोट्स करेंगे चंद्रमा की सतह पर खुदाई

इस कंपनी का पहला चंद्रमा पर जाने वाला मिशन जिसका नाम “लुनर स्काउट” है रॉकेट लैब के इलेक्ट्रॉन रॉकेट का इस्तेमाल कर अपने MX-1E रोबोटिक एक्सप्लोरर को चंद्रमा की सतह पर भेज के कई पेलोड्स डिलीवर करना चाहता है, जिसमें की इंटरनेशनल लूनर ऑब्जर्वेटरी भी शामिल है। प्रतियोगिता में मौजूद बाकी 4 प्रतियोगियों से पहले और इस साल के अंत के अंदर यदि लूनर एक्सप्रेस ने इस काम को अंजाम देकर एक्स प्राइज का इनाम जीत लिया तो इस कंपनी को 20 मिलियन डॉलर का पुरस्कार मिलेगा।

लूनर आउटपोस्ट जो कि इनके द्वारा प्रस्तावित एक दूसरा मिशन है, मून एक्सप्रेस की चंद्रमा के साउथ पोल पर एक कमर्शियल उपस्थिति के रूप में होगा। जिसमें इसके MX 2 सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा। एक बार वहां पर स्थापित होने के बाद रोबोट चंद्रमा की सतह को जल और अन्य खनिजों की उपस्थति के लिए तलाशेंगे। इसके बाद आखरी मिशन “हार्वेस्टर मून” चंद्रमा से सैंपल लेकर धरती पर लाएगा । मून एक्सप्रेस इस चरण को वर्ष 2020 तक पूरा करना चाहती है।

MX 1E अभी तक पूरा बन नहीं पाया है और रॉकेट लैब अब भी अपने इलेक्ट्रॉन रॉकेट पर काम कर रही है जिसे अब तक केवल एक बार उड़ाया गया है, और इस साल इसके दो और परीक्षण किए जाने हैं। लेकिन मून एक्सप्रेस को FAA द्वारा चंद्रमा की सतह पर उतरने की अनुमति मिल गई है । इस अनुमति को प्राप्त करने वाली यह एक पहली प्राइवेट कंपनी है।

चंद्रमा पर पानी और खनिजों की तलाश करना व्यावसायिक और खोज दोनों के हिसाब से फायदेमंद है। चंद्रमा पर ध्रुवों पर मौजूद बर्फ की सहायता से रॉकेट के लिए इंधन निर्मित किया जा सकता है। मून एक्सप्रेस ने अपनी वेबसाइट पर कहा है “चंद्रमा पर पानी की खोज इस पूरे मिशन को बदल कर रख देगी, इससे ना केवल चंद्रमा पर पहुंचने की आर्थिक संभावना बल्कि मंगल ग्रह और इससे भी गहरे अंतरिक्षीय स्थानों पर जाने के आर्थिक संभावना निर्मित हो जाएगी।

हमारे सौरमंडल में पानी की उपस्थिति वैज्ञानिक दृष्टिकोण से ठीक वैसा ही महत्व रखती है जैसा कि धरती पर तेल। ऐसे में चंद्रमा आसमान पर मौजूद एक बड़े पेट्रोल स्टेशन के समान है ।” रही बात चंद्रमा पर मौजूद पत्थरों की तो चंद्रमा से निकाल कर उन्हें धरती पर लाना किसी कंपनी के लिए बहुत ही आकर्षक व्यापार हो सकता है। जैसा की आर्स टेक्निका ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया, नासा ने अपोलो मिशन के दौरान चंद्रमा से निकाले गए पत्थरों को कभी नहीं बेचा, मगर सोवियत मून मिशन के द्वारा निकाले गए चंद्रमा के तीन पत्थर जिनका वजन केवल 0.2 ग्राम था, वर्ष 1993 में 442,500 डॉलर कीमत में बिके । मून एक्सप्रेस का कहना है कि इनके लूनर सैंपल को विज्ञान के भले के लिए इस्तेमाल किया जाएगा ।

निश्चित ही या एक महत्वकांक्षी मिशन है, और एक्स प्राइस पुरस्कार को जीतने के लिए मून एक्सप्रेस को भी काफी कुछ करना है, मगर कंपनि यदि ऐसा करने में सफल हुई तो आने वाले कुछ साल काफी रोमांचक होने वाले हैं।

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Rohit bhatt

My Name Is Rohit Bhatt. I am a Blogger, Youtuber And Entrepreneur. I am From Dungarpur (Raj.). I Am writes My Special Entrepreneur Tips, Relationship Tips, Health Tips, Tips And Tricks On Wikiment.

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